What Is Narendra Modi’s Advice to IAS Officers?

Narendra Modi addressing the Assistant Secretaries (IAS Officers of 2014 batch), in New Delhi on August 02, 2016

Narendra Modi addressing the Assistant Secretaries (IAS Officers of 2014 batch), in New Delhi on August 02, 2016

मेरा देश के सभी लोगों से - खास कर युवक और युवतियों से - अनुरोध है कि वे किसी भी राजनितिक दल या उसके नेता के फैन या अंधभक्त न बनें क्योंकि

The Prime Minister of India, Narendra Modi, advised Tuesday young IAS officers to remain sensitive to their circumstances and surroundings, in order to be able to effectively connect with the people of India.

Addressing IAS Officers of the 2014 batch at the Inaugural Session of Assistant Secretaries, the Prime Minister said that they had a great opportunity to enhance their skills and learning, far beyond what they had imbibed during their training so far.

He urged them to use the next three months, to add value their own skill-sets, and also attempt to add value to the working of the Departments they had been attached with.

[ India: Civil Servants or Uncivil Masters? ]

He particularly mentioned the use of technology in governance, and asked the young officers to work towards technology upgradation in the working of Government.


मेरा अनुरोध

मेरा देश के सभी लोगों से - खास कर युवक और युवतियों से - अनुरोध है कि वे किसी भी राजनितिक दल या उसके नेता के फैन या अंधभक्त न बनें क्योंकि यह सब मिलकर आपको पिछले क़रीब 70 साल से लूट रहे हैं।

भारत में अधिकतर राजनितिक नेता इतने अनपढ़ और असभ्य हैं कि वे किसी भी पद के योग्य नहीं। लेकिन जहाँ हम जैसे आम नागरिकों को अच्छा पढ़-लिख कर और पढ़ाई की डिग्रियां ले कर भी नौकरी नहीं मिलती, ये अशिक्षित नेता पहले झूठे भाषण दे कर चुनाव जीतते हैँ, फिर ये हम पर राज करते हैं और हम जैसे आम लोगों के साथ गुलामों जैसा बरताव करते हैं।

जो यह सारे नेता अख़बारों में या टीवी पर कहते हैं, वह सब झूठ है। जो यह अपनी सफ़लता के आंकड़े देते हैं या योजनायों की घोषणा करते हैं, वह भी झूठ है। भारत का मीडिया इनके नियंत्रण में है। आपको मुर्ख बनाया जा रहा है ताकि आप इन्हें वोट डालते रहें।

जो मैं कह रहा हुँ उसकी सच्चाई आप हर रोज़ अपने इर्दगिर्द देख सकते हो। आपके लिए न कहीं नौकरी है न ही अच्छी पढ़ाई है। आपके चारों तरफ़ गंद, महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध, और तनाव का माहौल है।

यही नहीं, बल्कि आपको आपके धर्म, जाति, रंग, और खाने-पीने के तरीकों को लेकर एक दूसरे से लड़ाया जा रहा है। आप आपस में जितना लड़ेंगे उतना इन राजनितिक भेडियों को फायदा है।

मेरा आप से यह अनुरोध है कि आप इन नेतायों की वज़ह से न तो गलियों में न ही फेसबुक या टवीटर पर एक दूसरे से लड़ें। और मिलकर एक अच्छे और समृद्ध भारत का निर्माण करने की सोचें - ऐसा भारत जहाँ अनपढ़, झूठे, और धोखेबाज़ नेतायों के लिए कोई जगह न हो।

अब भारत में एक बिल्कुल नई राजनीतिक प्रणाली की आवश्यकता है। ऐसी प्रणाली जहाँ मानव समानता हो और हर सरकारी पद झूठे भाषणों की वज़ह से नहीं बल्कि एक व्यक्ति की बौद्धिक योग्यता के अनुसार दिया जाए। आओ मिल कर ऐसी राजनीतिक प्रणाली का निर्माण करें।

और जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें। जय हिन्द। ~ Rakesh Raman


The Prime Minister urged the officers not to be overawed by hierarchy, and to be frank and fearless in their interaction with senior officers during the next three months of their attachment as Assistant Secretaries to the Union Government.

He mentioned that this is a new feature of IAS training begun with the 2013 batch, and it ensures that IAS officers have a stint at the Centre right at the beginning of their career – an opportunity that their seniors may not have had.

The Union Minister of State for Personnel, Public Grievances and Pensions, Dr. Jitendra Singh and senior Government officers were present on the occasion.

Photo courtesy: Press Information Bureau

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